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सूर्यग्रहण 2020: मौसम विभाग की अपील

सूर्य ग्रहण को लेकर मौसम विभाग की लोगों से अपील, किसी भी हालत में नग्न आंखों से सूरज को ना देखें, ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।

पटना में सुबह 10:37 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:09 बजे तक लगेगा सूरज ग्रहण :
साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून रविवार को लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण का मानव जीवन पर भी काफी असर होता है इसलिए सनातन संस्कृति के शास्त्रों में सूर्य ग्रहण के समय कुछ विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि सूर्य ग्रहण का असर धरती पर उपस्थित वनस्पतियों से लेकर जीव-जन्तुओं तक पर होता है, लेकिन इसका ज्यादा असर बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर होता है। इसलिए इन दोनों को ज्यादा सावधानी बरतने की बात शास्त्रों में कही गई है, जिससे की ये ग्रहण के दुष्प्रभावों से बच सके।

सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक प्रारंभ हो जाता है। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की किरणों का विशेष प्रभाव पड़ता है, इसलिए सूर्य किरणों के दुष्प्रभाव से बचने की सलाह शास्त्रों में दी गई है। सूर्य ग्रहण के सूतक काल के दौरान शमशान घाट या ऐसी भूतहा जगह जैसे खंडहर या सूनसान मकान आदि से ना गुजरें, क्योंकि ऐसे समय बुरी शक्तियां काफी ज्यादा सक्रिय होती है, जो आपको अपने आगोश में ले सकती है और आप प्रेतात्मा के शिकार हो सकते हैं।

खाद्य सामग्रियां हो जाती है दूषित
सूर्य ग्रहण के सूतक काल लगने के साथ ही खाद्य सामग्रियां भी दूषित हो जाती है, इसलिए इस दौरान कुछ भी खाने-पीने की मनाही होती है। सूतक काल के दौरान सोने का भी निषेध है, लेकिन बच्चों, वृद्धों और बीमार लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता है। यानी वह शयन कर सकते हैं । सूतक काल के समय तुलसी दल को तोड़ना और स्पर्श करना दोनों मना होता है। इस दौरान देवी -देवताओं की मूर्तियों के स्पर्श की भी मनाही है।

ग्रहण के दौरान करें ब्रह्मचर्य का पालन
सूतक काल के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करने का शास्त्रों में विधान है। नहीं तो इस दौरान गर्भधारण होने पर जन्म लेने वाले बच्चे पर बुरा प्रभाव देखने को मिलता है। ग्रहण के दौरान सूर्य बगैर किसी बाधा के स्पष्ट दिखाई देता है और इसको देखने पर सूर्य की तीखी तपन भी महसूस नहीं होती है, लेकिन ऐसी गलती कभी ना करें, नहीं तो हमेशा के लिए आपकी आंखें खराब हो सकती है। ग्रहण के नजारे दिलचस्प होते हैं इनको देखने के लिए तयशुदा मानकों का पालन करें।

सूर्य ग्रहण में करें ये काम
सूर्य ग्रहण के दौरान देव मूर्तियों के स्पर्श की तो मनाही होती है, लेकिन मंत्रों का जाप इस दौरान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। इस समय किया गया मंत्रजाप सिद्ध भी हो जाता है। ग्रहण की समाप्ति पर स्नान कर नए वस्त्र धारण करें और दान करें। घर को गंगाजल से पवित्र करें।

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Koshi Live Team

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