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प्रधानमंत्री लाखों निजी विद्यालयों को बंद होने से बचाएं : —-शमायल अहमद

धीरज झा, पटना : प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेल्फेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र लिखकर देश में चल रहे लाखों निजी विद्यालयों को बंद होने से बचाने की मांग की है उन्होंने कहा है कि वैश्विक महामारी की घड़ी में लाखों निजी विद्यालय ऐसे हैं जिनके पास अपना भवन उपलब्ध नहीं है किराए के भवनों में चल रहे ऐसे सभी निजी विद्यालयों के संचालकों को प्रधानमंत्री किराए की राशि विद्युत बिल की राशि आदि को प्रदान कर राहत पैकेज उपलब्ध कराने की कृपा करें जिससे किराए के भवनों में चल रहे निजी विद्यालयों के संचालकों का इस संकट की घड़ी में आपकी मदद मिल सके और उनका मनोबल टूट ना पाए।


शमायल अहमद ने प्रधानमंत्री का ध्यान केंद्रित कराया की जब भी सरकार को सरकारी विद्यालयों की परीक्षा आदि के लिए भवन, फर्नीचर, विद्युत, वाहन आदि की आवश्यकता हुई है ऐसी स्थिति में निजी विद्यालयों के संचालकों ने सरकार के आदेशों का हर संभव पालन करते हुए अपने विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित कर भवन, फर्नीचर,विद्युत, वाहन आदि उपलब्ध कराने का कार्य किया है। आज इस संकट की घड़ी में सरकार अगर निजी विद्यालयों के संचालकों का साथ और उनके मांगों की पूर्ति नहीं करती है तो देश की शिक्षा से जुड़े लाखों लोगों का या यूं कहा जाए कि एक बहुत बड़ा जनाधार का विश्वास सरकार से टूट जाएगा वर्तमान में सरकार संकट से जूझ रहे निजी विद्यालयों को राहत पैकेज उपलब्ध कराएं।

शमायल अहमद ने कहा कि पिछले 3 माह से विद्यालय बंद होने के कारण निजी विद्यालय के संचालक वित्त संकट से जूझ रहे हैं । यदि इस कोरोना महामारी के संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री हम सभी को राहत वित्तीय पैकेज उपलब्ध कराने के साथ विद्युत बिल की राशि को भी माफ करने का काम नहीं करते है तो निजी विद्यालयों के संचालकों का आर्थिक बोझ बढ़ने से कमर टूट जाएगी और मजबूर होकर हजारों निजी विद्यालयों को बंद करना पड़ेगा जिससे देश में लाखों पढ़े लिखे लोगों की संख्या बेरोजगार हो जाएगी निजी विद्यालयों के बंद हो जाने से यहां कार्यरत लोगों और उनके परिजनों के समक्ष भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।


शमायल अहमद ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह सभी राज्यों के सरकारों को दिशा निर्देश दें के निजी विद्यालयों की सहायता करें और इस संकट की घड़ी में विद्यालयों को बंद होने से बचाए ।

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