Munger

जदयू नेता जुगनू मंडल व मनीष हत्याकांड में शामिल अपराधियों को, पुलिस ने हथियार के साथ किया गिरफ्तार

धीरज झा की रिपोर्ट

मुंगेर पुलिस ने सफियासराय ओपी अंतर्गत सिंघिया बहियार इलाके में अपराधियों के जमावड़े की मिली सूचना पर घंटों संयुक्त कारवाई में सात अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया हैं। उक्त अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे।

पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि सूचना पर अग्रतर कार्रवाई करते अपर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर कुमार के नेतृत्व में छापामारी दल गठन किया गया। और सिंघिया बहियार इलाके की घेराबंदी कर सत्यम यादव, आजाद यादव, राणा यादव उर्फ राणा बॉस, सूरज यादव और अमरेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से चार देशी पिस्तौल और 14 जिंदा गोलियां बरामद की गयी। और गिरफ्तार अपराधियों के निशानदेही पर शशांक कुमार यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पूरबसराय ओपी और मुफस्सिल थाना क्षेत्र में भी छापामारी की गई। गिरफ्तार अपराधियों ने बताया कि हथियार एवं गोलियों की आपूर्ति का काम मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी बंटी यादव करता है। इसके बाद मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कल्याण चक गांव में भी बंटी यादव के घर छापामारी की गई, जहां से एक देशी पिस्तौल और थ्री नॉट थ्री की एक जिंदा गोली बरामद की गई।

पूरबसराय ओपी क्षेत्र के कृष्णापुरी मोहल्ले में उसके रिश्तेदार के यहां भी छापामारी के दौरान पुलिस को एक लोडेड देशी राइफल तथा तीन गोलियां मिली हैं। पुलिस ने यहां से सौरभ राज उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अपराधियों में सत्यम यादव, सूरज यादव और राणा यादव उर्फ राणा बॉस का अपराधिक इतिहास रहा है। सूरज यादव और राणा यादव की तलाश जमालपुर थाना क्षेत्र में हुए हत्या के दो मामले में भी चल रही थी। इसके अलावा जदयू नेता जुगनू मंडल की हत्या में भी अपराधियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी सात अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गिरफ्तार अपराधियों का लंबा अपराधिक इतिहास

एसपी ने बताया राणा यादव और सूरज यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। राणा यादव उर्फ राणा बॉस के खिलाफ 11 से अधिक मामले दर्ज हैं और 10 से अधिक बार जेल जा चुका है। सूरज यादव का मुख्य धंधा अवैध शराब की तस्करी करना था तथा उसने लूट कांडों को भी अंजाम दिया था। इन अपराधियों ने जमालपुर थाना क्षेत्र में हुए मनीष कुमार की हत्या के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सूरज यादव ने यह भी स्वीकार किया है कि वह अवैध शराब का धंधा काफी दिनों से कर रहा था। अपने भाई राजा यादव के साथ मिलकर वह शराब का धंधा किया करता था और इसी विवाद में उसने मनीष की हत्या अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर कर दी थी और उसके शव को कुएं में डाल दिया गया था। वहीं जदयू नेता जुगनू मंडल की हत्या के मामले में भी गिरफ्तार अपराधियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सूरज यादव और राणा यादव उर्फ राणा बॉस का नाम जदयू नेता की हत्या के मामले में सामने आया था।

अपराधियों की गिरफ्तारी से कई मामलों का उद्भेदन

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अपराधियों की गिरफ्तारी से कई मामलों का खुलासा हुआ है। कासिम बाजार थाना क्षेत्र में रंगदारी की मांग को लेकर फायरिंग की घटना हुई थी। उस घटना में राणा यादव उर्फ राणा बॉस, सत्यम, अमरेश और सूरज यादव की संलिप्तता सामने आई थी। इन सभी अपराधियों की गिरफ्तारी भी हो गई है। गिरफ्तार अपराधियों ने स्वीकार किया है कि उन्होने रंगदारी की मांग को लेकर फायरिंग की थी। राणा यादव उर्फ राणा बॉस ने ही फायरिंग के लिए सबको जुटाया था। जमालपुर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामलों में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। ई-रिक्शा चालक मनीष हत्याकांड में सूरज यादव और जुगनू मंडल हत्याकांड में सूरज यादव और राणा यादव की भूमिका सामने आई थी। फिलहाल पुलिस ने अपराध की योजना बनाने और हथियार बरामदगी के मामले में अपराधियों को जेल भेजा है। इनके खिलाफ दर्ज दूसरे मामलों में इन्हें पुलिस रिमांड करेगी।
मौके पर एसआईओयू प्रभारी विनय कुमार सिंह, कासिम बाजार थानाध्यक्ष शैलेश कुमार, जमालपुर थानाध्यक्ष रंजन कुमार, धरहरा थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह, साफियासराय ओपी अध्यक्ष गौरव कुमार और जिला आसूचना इकाई के जवान शामिल थे।

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Koshi Live Team

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