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STET 2019: कोर्ट ने कहा पहले सुनवाई होगी पर BSEB ने परीक्षा कर दिया केंसिल

28 जनवरी 2020 को 317 परीक्षा केंद्रों पर बिहार STET-2019 की परीक्षा को आयोजित किया गया था. जिसे कल 16 मई को रद्द कर दिया गया .

यह फैसला तब लिया गया जब जब रिजल्ट की साड़ी तैयारियां विभाग ने पूरी कर ली थी और रिजल्ट का प्रकाशन होने वाला ही था . हाल ही में 1 मई को BSEB ने इससे सम्बंधित “आंसर की” भी जारी किया गया था.

BSEB ने घोषणा में यह बताया है कि विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों व् साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला लिया है. जिसमें सहरसा, गया, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और पटना के कुछ सेंटर पर उपद्रव जैसी स्थिति से कदाचार होने की शंका व्यक्त की है . जिस आधार पर परीक्षा रद्द किया गया है .

अभ्यर्थी संघों ने आरोप लगाया है कि जिस सेंटर पर कदाचार हुए थे वहां के लिए अलग से पटना में परीक्षा लिया गया. फिर इसे रद्द करने का कोई कारण ही नहीं है. यह सर्वथा अनुचित फैसला है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया है कि दो दिन पहले तक विभाग को कदाचार नहीं दिख रहा था और रिजल्ट प्रकाशन में लगी हुई थी.

परीक्षा रद्द करने की मांग करने के लिए याचिका दायर की गयी थी जिसके सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने BSEB से स्पष्ट करने का आदेश दिया गया था . लेकिन BSEB ने आदेश का अवहेलना करते हुए कोई जवाब नहीं दिया . जिसके फलस्वरूप कोर्ट ने 20 मई तक रिजल्ट प्रकाशन पर रोक लगाते हुए BSEB को जवाब देने को कहा . लेकिन उससे पहले ही परीक्षा केंसिल कर दिया गया.

अभ्यर्थियों ने BSEB पर संवेदनहीनता और कर्तव्य के प्रति शिथिलता का आरोप लगाया है और कहा है कि अगर हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए BSEB पुरे मामले में रूचि लेती तो परीक्षा रद्द नहीं करना पड़ता.

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Koshi Live Team

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